
बिजली मुझ पर गिरी
मारा मैं गया
मैं अकेला कवि था
बाक़ी सब कविता-संग्रह थे!
जब श्रेष्ठ साहित्य की लिखने की जगहें निरन्तर कम होती जा रही हैं, यह लिखने की मेरी नई जगह है। नया श्यामपट्ट! इस पट्ट पर आप कृष्ण कल्पित की नई रचनाएँ, यथा कविता, कहानी, रिपोर्ताज़, आलोचना, समीक्षा इत्यादि पढ़ पाएंगे और गद्य के नए प्रकार। यह पट्ट अथवा ब्लॉग सब के लिए नहीं है, यहाँ गम्भीर साहित्य में रुचि रखने वालों का स्वागत है। आप अपनी प्रतिक्रियाएं भी यहाँ दर्ज़ कर सकते हैं। नमस्कार!
~ कृक